ऑक्सीजन बचाने की तैयारी

गोरखपुर जिले के 18 प्रतिष्ठानों के बगीचे रोकेंगे प्रदूषण, इस पद्धति का लिया जा रहा सहारा

मियावाकी पद्धति एक जापानी वनीकरण विधि है। इसमें पौधों को कम दूरी पर लगाया जाता है।

पौधे सूर्य का प्रकाश प्राप्त कर ऊपर की ओर वृद्धि करते हैं। 

गोरखपुर जिला पर्यावरण समिति ने जिले में 18 ऐसे प्रतिष्ठानों को चिह्नित किया है, जहां वायु प्रदूषण की मात्रा अधिक है।

इन प्रतिष्ठानों में मियावाकी पद्धति से सघन पौधरोपण कर बगीचा तैयार किया जाएगा। 

आगे चलकर प्रतिष्ठानों के ये बगीचे, शहर के वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने में काफी उपयोगी साबित होंगे।

जिले के जिन प्रतिष्ठानों में वायु प्रदूषण की मात्रा अधिक मिली है, उसमें से नौ प्रतिष्ठान गीडा से हैं।

इन प्रतिष्ठानों के परिसर में मियावाकी पद्धति से पौधे लगाए जाएंगे, ताकि पौधे वातावरण में फैली दूषित गैसों को अवशोषित कर अधिक से अधिक आक्सीजन का उत्सर्जन करें।